आज हम आपको बताऐंगे की गाय को पानी पिलाने के लिए ऑटोमेटिक सिस्टम कैसे बनाते हैं। इस सिस्टम को बनाना बेहद ही सरल है और आप भी इससे बहुत सरलता से बना सकते हैं। इस सिस्टम की खास बात यह है कि ये बहुत कम लागत में बन कर तैयार हो जाएगा और आप अपने पशु को ऑटोमेटिक तरीके से पानी पिला सकेंगे।

इस ऑटोमेटिक सिस्टम से आपके पशु को 24 घंटे ताजा पानी उपलब्ध होगा और सभी किसान भाइयों को हर बार पशुओं को पानी पिलाने की जो दिक्कत है वह भी खत्म हो जाएगी। इसमें किसान भाइयों का भी समय बचेगा और आपके पशु को 24 घंटे ताजा पानी उपलब्ध होगा। चलिए जानते हैं यह ऑटोमेटिक सिस्टम कैसे बनाते है।

ऐसे बनाते हैं यह सिस्टम- 

सबसे पहले आपको एक चौकोर (square),  समकोण ( rectangle ) या गोल ( round ) आकार में पानी भरने के लिए बर्तन या टेंक लेना है। इसमें दोनों तरफ पाॅइंट होने चाहिए। 

जो पहला पाॅइंट है वह ऊपर की तरफ होना चाहिए, जिससे टेंक में पानी अन्दर जाएगा। 

दूसरा पाॅइंट होता है डिलीवरी पाॅइंट जहाँ पानी टेंक से बाल्टी में जाएगा, यह पाॅइंट नीचे की तरफ होना चाहिए। ऊपर वाले पाॅइंट में और नीचे वाले पाॅइंट में 8 इंच का अन्तर होना चाहिए। 

उसके बाद जहाँ से पानी अन्दर जाएगा वहां फ्लोट बॉल वाल्व लगाना है। जब पानी का लेवल ऊपर चला जाता है तो इसकी वजह से पानी टेंक के अन्दर आना बंद हो जाता है।

अब एक बाल्टी लेनी है जिससे गाय पानी पीएगी। बाल्टी की ऊँचाई एक फिट होनी चाहिए। बाल्टी में तीन इंच ऊपर टंकी लगाने के लिए एक छेद करना है और फिर वहां टंकी लगा दें।

अगर आपके घर पर गाय के पास तक कोई पाइप लाइन नहीं है तो आपको पहले वह लगानी पड़ेगी। फिर इंपुट पाॅइंट यानी फ्लोट बाॅल वाल्व पाॅइंट को पाइप लाइन से संलग्न करें।

उसके बाद एक पाइप डिलीवरी पाॅइंट से संलग्न करके बाल्टी तक लगा दें। इस पाइप की मदद से टेंक से पानी बाल्टी में जाएगा, जिससे आपकी गाय पानी पी सकेगी। 

आपको खास ध्यान रखना है कि बाल्टी पानी के टेंक से 3 इंच नीचे होनी चाहिए। इससे अधिक नीचे नहीं होनी चाहिए क्योंकि फिर पानी ओवर फ्लो हो जाएगा। 

आपका ऑटोमेटिक सिस्टम पूरी तरह से बन कर तैयार है और अब ऑटोमेटिक तरीके से आपकी गाय पानी पी सकेगी।

फ्लोट बाॅल वाल्व काम करता है वाटर लेवल पर, क्योंकि जब भी हम कोई दो पानी के भरेहुए बर्तन एक साथ पाइप से जोड़ देते हैं तो उनका वाटर लेवल एक तरह रहता है। इससी विधि पर ये भी काम करता है, इसलिए जब भी वाटर लेवल कम होता है तो ये नीचे चला जाता है और टेंक में पानी की सप्लाई शुरू हो जाती है। इसी प्रकार जब पानी भर जाएगा तो सप्लाई अपने आप बंद हो जाती है।