डेयरी की संरचना, डेयरी शुरू करने से पहले हम डेयरी के बारे में सभी चीजें जानना चाहते हैं इसलिए आज हम यहाँ बात करेंगे की डेयरी के शेड, आर्किटेक्चर डिजाइन और पूर्ण तरीके से एक कम से कम लागत में हम डेयरी कैसे डिजाइन कर सकते हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी।

डेयरी बनाते समय हमें बहुत सी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है,जैसे कि सबसे पहले स्पेस यूटिलाइजेशन, दुसरा डेयरी के निर्माण में होने वाली लागत,  तीसरा  मैनेजमेंट का ध्यान,चौथा आपको रिकंस्ट्रक्शन ना करना पड़े और पाँचवाँ शेड के अंदर पशु को अच्छा वातावरण मिल सके।

अब हम आपको एक ऐसी डेयरी के बारे में बताऐंगे जिसके जैसी डेयरी आपने अभी तक शायद नहीं देखी होगी। इस डेयरी का शेड सर्वोत्तम है। इस डेयरी के आर्किटेक्चर डिजाइन को देख कर आप समझ सकेंगे कि अगर आपको डेयरी शुरू करनी है तो उसका क्या डिजाइन होना चाहिए। 


इस फोटो में आप देख सकते हैं कि सभी जरूरी चीजों के लिए अलग-अलग चेंबर बनाया गया है। जैसे कि गाड़ी खड़ी करने के लिए अलग से जगह है ताकि आपको दूध डिलीवर करने में कोई देरी ना हो, उसके बराबर में सूखा भूसा रखने के लिए भी अलग से जगह है, जहाँ 250 क्विंटल तक भूसा रखा जा सकता है।  


उसके साइड में पशु के लिए हरा चारा काटने के लिए जगह है और उसके अंदर पीछे वाली जगह को भी यूटिलाइज किया गया है जहाँ सुखा चारा रखा जाता हैं। जब भी कोई नया पशु आता है या कोई पशु बीमार होता है तो उसको रखने के लिए भी अलग से जगह। उसके बाद एक खुली जगह है जहाँ पशु  आराम से घूम सकते हैं क्योंकि परमानेंट शेड के अंदर रहने से उन्हें स्किन प्रॉब्लम भी हो सकती है, क्योंकि उन्हें धूप की आवश्यकता होती है इसलिए यह खुली जगह बनाई गई है।


इस शेड की ऊँचाई आपके दूसरे शेड के मुकाबले थोड़ी ज्यादा है। इसकी ऊँचाई बढ़ाने में आपको थोड़ा खर्चा ज्यादा हो सकता है। इसलिए आपकी मर्जी है कि आप इसे कम रखें या ज्यादा रखें, ज्यादा ऊँचाई रखने से वेंटिलेशन अच्छे से होता है लेकिन जब आंधी आती है उसमें दिक्कत होती है इसिलए  आपको ग्राउंड बेस बहुत अच्छे से बनाना होता है। 

यहाँ शेड के ऊपर शेडनेट भी लगा रखी है इससे टेंपरेचर मेंटेन करने में सर्दियों के समय पर बहुत ज्यादा फायदा मिलता है, इससे टेंपरेचर सर्दियों में भी और गर्मियों में भी मेंटेन रहेगा।  पशु को शेड के अंदर ना तो लूं लगेगी और ना ठंडी हवा लगेगी। 


शेड के अंदर राइट साइड ज्यादा दूध देने वाली गाय है हर गाय के बीच में 4 फीट की जगह है जिससे गाय आराम से खड़ी हो सके और गाय के नीचे मेट है कि वह आसानी से बैठ सकें और उन्हें कोई दिक्कत ना हो। लेफ्ट साइड में बिना दूध देने वाली और बछड़े हैं। 

अब बात करते हैं कि शेड के अंदर तापमान कैसे सही रखें। यहां पर तापमान सही रखने के लिए सीलिंग फेन और फौगर लगाए गए हैं, इन से शेड के अंदर का तापमान 7-8 डिग्री मेंटेन रहता है। मतलब इससे 7-8 डिग्री गर्मी में कम रहता है और जाड़ों में भी थोड़ा ज्यादा रहता है। फौगर ज्यादा समय के लिए नहीं चलाया जाता है क्योंकि अगर ये ज्यादा समय के लिए चला जाएगा तो पशुओं को इससे आपकी स्किन प्रॉब्लम हो जाएगी। 

यहां पर वेंटिलेशन का भी सिस्टम होता है वेंटीलेशन सिस्टम इसलिए आवश्यक है क्योंकि carbon dioxide  निकलना बेहद  जरूरी होता है। शेड अंदर की गर्मी बढ़ जाती है इसलिए इसमें वेंटीलेशन सिस्टम भी बहुत ज्यादा जरूरी है।