महाराष्ट्र की मंडियों में अरहर के भाव (न्यूनतम समर्थन मूल्य) एमएसपी से नीचे होने के कारण किसानों को औने-पौने दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है जिससे खरीफ सीजन में राज्य के किसानों को औसतन 1,125 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।


महाराष्ट्र की मंडियों में अरहर के भाव (न्यूनतम समर्थन मूल्य) एमएसपी से नीचे होने के कारण किसानों को औने-पौने दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है जिससे खरीफ सीजन में राज्य के किसानों को औसतन 1,125 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।


जय किसान आंदोलन द्वारा जारी एमएसपी लूट कैलकुलेटर के अनुसार राज्य की मंडियों में अरहर का भाव 4,100 से 4,300 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है जबकि केंद्र सरकार ने अरहर का एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल (बोनस सहित) तय किया हुआ है।


जय किसान आंदोलन द्वारा जारी किसान की लूट के आंकड़ों के अनुसार समर्थन मूल्य पर खरीद सीमित मात्रा में होने के कारण राज्य के किसानों को मंडियों में एमएसपी से 1,150 से 1,350 रुपये प्रति क्विंटल नीचे दाम पर अरहर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।



जय किसान आंदोलन 3 अप्रैल से लगातार हर दिन एमएसपी अलर्ट प्रकाशित कर रहा है जिसके माध्यम से हर दिन एक अलग फसल के बारे में जानकारी दी जाती है, ताकि देश यह देख सके कि किस प्रकार से किसानों को देश की अलग-अलग मंडियों में अलग-अलग फसलों को सरकार द्वारा तय एमएसपी से नीचे बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है।